दक्षिण कोरिया ने चेक गणराज्य को 2-1 से हराकर विश्व कप में जीत से शुरुआत की
ग्वाडलहारा में खेले गए ग्रुप ए के मुकाबले में दक्षिण कोरिया ने पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए चेक टीम को हराया। ह्वांग इन-बोम और ओह ह्योन-ग्यू ने गोल किए।

ग्वाडलहारा, मेक्सिको से — दक्षिण कोरिया ने 2026 फीफा विश्व कप के अपने पहले मुकाबले में चेक गणराज्य को 2-1 से हराकर शानदार वापसी की। गुरुवार रात ग्रुप ए के इस मुकाबले में पहले हाफ में दक्षिण कोरियाई टीम का दबदबा रहा, लेकिन गोल नहीं हो सका। 59वें मिनट में चेक कप्तान लादिस्लाव क्रेजसी ने व्लादिमीर कौफल के लॉन्ग थ्रो पर हेडर से गोल करके अप्रत्याशित बढ़त दिला दी। हालांकि, दक्षिण कोरिया ने हिम्मत नहीं हारी और आठ मिनट बाद ह्वांग इन-बोम ने बराबरी का गोल दागा। 80वें मिनट में स्थानापन्न ओह ह्योन-ग्यू ने निर्णायक गोल करके कोरियाई टीम को तीन अंक दिलाए।
कोरियाई कप्तान सोन ह्युंग-मिन, जो पूरे मैच में आक्रामक रहे, पहले हाफ में पांच प्रयासों के बावजूद गोल नहीं कर पाए। चेक गोलकीपर मातेज कोवार ने कई महत्वपूर्ण बचाव किए। चेक टीम का गोल मैच के रुख के विपरीत आया, क्योंकि तब तक उनका एक भी शॉट लक्ष्य पर नहीं था। ह्वांग का गोल ली कांग-इन की खूबसूरत पास से आया, जिसके बाद ओह ने ह्वांग के ही क्रॉस को गोल में बदला। अंतिम क्षणों में कोरियाई गोलकीपर किम सेउंग-ग्यू ने दो बेहतरीन बचाव करके जीत सुनिश्चित की।
यह जीत दक्षिण कोरिया को मेक्सिको के साथ समूह में शीर्ष पर ले गई, जिसने दक्षिण अफ्रीका को 2-0 से हराया। हालांकि, स्टेडियम में खाली सीटों ने आधिकारिक उपस्थिति आंकड़े 44,985 पर सवाल खड़े कर दिए। जापानी मीडिया ने यह भी याद दिलाया कि 2018 विश्व कप में दक्षिण कोरिया द्वारा जर्मनी को हराने से मेक्सिको को नॉकआउट में पहुंचने में मदद मिली थी, जिसके कारण स्थानीय प्रशंसकों का कोरियाई टीम के प्रति समर्थन स्पष्ट था।
विभिन्न क्षेत्रों के मीडिया ने अलग-अलग पहलुओं को उजागर किया। रूसी स्रोतों ने ह्वांग इन-बोम के कजान रुबिन के पूर्व खिलाड़ी होने पर जोर दिया, जबकि लेंटा.रू ने गलती से ली कांग-इन को गोल करने वाला बताया, जो संपादकीय जल्दबाजी का संकेत हो सकता है। अफ्रीकी और ब्रिटिश आउटलेट्स ने सोन के प्रदर्शन और ओह के सेल्टिक कनेक्शन पर ध्यान केंद्रित किया। इस तरह, एक ही मैच की कवरेज में वैश्विक विविधता देखने को मिली।
यह जीत दक्षिण कोरिया के लिए अहम है, लेकिन टीम को अपने मौकों को भुनाने में सुधार करना होगा। ग्रुप ए में मेक्सिको भी मजबूत है, जिससे आगामी मुकाबले रोमांचक होंगे। रूस की अनुपस्थिति में, यह टूर्नामेंट एशियाई टीमों के लिए अवसर लेकर आया है। कोरियाई टीम का अगला मुकाबला कठिन होगा, लेकिन इस जीत से उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा।
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