भारत-बांग्लादेश सीमा पर पुश इन का तनाव, उच्च स्तरीय बैठक में रुकवाने की अपील
भारत-बांग्लादेश सीमा पर लगातार पुश इन की कोशिशों के बीच दिल्ली में हुई उच्च स्तरीय बैठक में बीजीबी ने बीएसएफ से कड़े कदम उठाने को कहा, वहीं खाड़ी देशों में प्रवासी श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा मंच शुरू।

भारत और बांग्लादेश के बीच 4000 किलोमीटर से अधिक लंबी सीमा पर हाल के दिनों में अवैध प्रवासियों को जबरन पार कराने (पुश इन) की घटनाओं ने तनाव बढ़ा दिया है। जून में दिल्ली में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के महानिदेशक स्तर की 57वीं समन्वय बैठक हुई, जिसमें बीजीबी ने पुश इन को रोकने की पुरजोर अपील की। बैठक में दोनों पक्षों ने सीमा पर सहयोग और अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने पर चर्चा की, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है।
झिनाइदह के महेशपुर इलाके में सिर्फ सात दिनों के भीतर पांच बार बीएसएफ की ओर से पुश इन की कोशिश की गई, जिसे बीजीबी ने स्थानीय लोगों की मदद से नाकाम कर दिया। वहीं जमालपुर के बक्शीगंज में शून्य रेखा पर एक व्यक्ति की मौजूदगी को लेकर तनाव फैल गया। बीजीबी का कहना है कि अवैध तरीके से लोगों को बांग्लादेश में घुसाने का प्रयास लगातार हो रहा है, लेकिन कड़ी निगरानी के कारण अभी तक कोई बड़ी घटना नहीं हो पाई है। स्थानीय प्रशासन और ग्रामीण पुश इन के खिलाफ सक्रिय हो गए हैं, जो सीमा पर तनाव का एक नया आयाम है।
इसी बीच, खाड़ी देशों में काम करने वाले लाखों प्रवासी श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक नई पहल शुरू हुई है। अंतर्राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन के दौरान शुरू किए गए इस मंच का उद्देश्य एशिया-खाड़ी गलियारे के देशों के बीच समन्वय बढ़ाना है ताकि श्रमिकों को बेहतर स्वास्थ्य, बीमा और पेंशन जैसी सुविधाएं मिल सकें। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे क्षेत्रीय सहयोग ही प्रवासन के जटिल मुद्दों का स्थायी हल निकाल सकते हैं, चाहे वह सीमा सुरक्षा हो या श्रमिकों के अधिकार।
हालांकि दिल्ली बैठक के बाद जारी वक्तव्य में दोनों पक्षों ने बातचीत को 'सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक' बताया, लेकिन बार-बार सामने आ रही पुश इन की खबरें यह संकेत देती हैं कि ज़मीनी स्तर पर हालात चिंताजनक बने हुए हैं। बीजीबी ने स्पष्ट कर दिया है कि मौजूदा द्विपक्षीय व्यवस्था के तहत ही समाधान होना चाहिए, और बीएसएफ ने भी इस पर सहमति जताई है। अगले कुछ महीनों में दोनों देशों के बीच बढ़ता विश्वास और निगरानी तंत्र ही यह तय करेगा कि सीमा पर शांति बहाल हो पाती है या नहीं।
एक ही कहानी दूसरी जगहों पर कैसे बताई जाती है।
Bangladeshi and Indian authorities concluded a four-day meeting in New Delhi with commitments to enhanced border cooperation, describing the talks as cordial and constructive. The discussions addressed illegal and forced crossings but maintained focus on peaceful resolution and bilateral collaboration. The meeting marks a positive step in bilateral relations.
Indian Border Security Force (BSF) continues to attempt pushing migrants into Bangladesh, according to reports from Border Guard Bangladesh (BGB) and local media. Seven days saw five push-in attempts, all thwarted by BGB and local residents. The situation remains tense, with accusations of unilateral violations and calls to stop these practices.
A new Asia-GCC social protection platform for migrant workers has been launched to improve welfare coverage across countries. The initiative aims to facilitate benefit transfers and ensure continuous protection for workers moving between Gulf and Asian countries. The project is seen as a step forward for migrant rights in the region.
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