जीलॉन्ग रिफाइनरी आग: पेट्रोल उत्पादन प्रभावित, लेकिन ईंधन प्रतिबंध नहीं
विवा एनर्जी की रिफाइनरी में उपकरण खराबी से लगी आग से पेट्रोल उत्पादन ठप, डीज़ल-जेट ईंधन घटे स्तर पर जारी; प्रधानमंत्री ने ईंधन कटौती की आशंका खारिज की।

प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने जीलॉन्ग स्थित विवा एनर्जी रिफ़ाइनरी का शुक्रवार को दौरा कर स्पष्ट किया कि भीषण आग के बावजूद ईंधन वितरण पर कोई पाबंदी नहीं लगेगी। उन्होंने बताया कि पेट्रोल उत्पादन 40 प्रतिशत गिरा है, जबकि डीज़ल और विमानन ईंधन 80 प्रतिशत क्षमता पर चल रहे हैं। यह आग बुधवार रात करीब 11 बजे लगी और 13 घंटे बाद बुझाई जा सकी। ऊर्जा मंत्री क्रिस बोवेन ने इसे "अभूतपूर्व" बताया था, लेकिन बाद में फायर रेस्क्यू विक्टोरिया ने पुष्टि की कि इसकी वजह उपकरण में खराबी थी, जिसकी आंतरिक जाँच जारी है।
यह रिफ़ाइनरी ऑस्ट्रेलिया की बची दो में से एक है और विक्टोरिया की 50 प्रतिशत तथा राष्ट्रीय स्तर पर 10 प्रतिशत ईंधन आपूर्ति करती है। आग ने पेट्रोल उत्पादन इकाइयों को सीधे प्रभावित किया, जिससे देश की पहले से तनावग्रस्त ईंधन सुरक्षा और गहरा गई। वैश्विक स्तर पर मध्य पूर्व युद्ध के चलते कच्चे तेल की आपूर्ति अस्थिर है, और ऑस्ट्रेलिया अपनी 90 प्रतिशत तरल ईंधन ज़रूरतें आयात करता है। स्विस अख़बारों ने इसे ईरान युद्ध के कारण उपजी मिट्टी के तेल की कमी के बीच एक और झटका बताया। इस माहौल में विवा की घटना को एक "बड़ा झटका" कहा गया, लेकिन कंपनी ने 48 घंटों के भीतर अधिकांश उत्पादन वापस पाने का दावा किया।
विक्टोरिया के मोटर चालकों को शुरू में 20 सेंट प्रति लीटर तक की मूल्य वृद्धि की चेतावनी दी गई, हालाँकि शुक्रवार तक कीमतों में कोई उछाल नहीं आया। विमानन क्षेत्र पर भी असर पड़ा—क्वांटास और वर्जिन जैसी एयरलाइनों के लिए जेट ईंधन की वैश्विक किल्लत अब और बढ़ गई। दूसरी ओर, तस्मानिया सरकार ने आश्वस्त किया कि उनके पास 100 दिनों का पेट्रोल और 58 दिनों का डीज़ल भंडार है, अतः वहाँ कोई संकट नहीं होगा। उप प्रधानमंत्री ने सिंगापुर में ईंधन सुरक्षा पर बातचीत की तैयारी भी की।
अल्बनीज़ ने मलेशिया से अपनी यात्रा काटकर जीलॉन्ग का मुआयना किया, और सरकार ने मलेशियाई कंपनी पेट्रोनास के साथ अतिरिक्त ईंधन आयात का सौदा भी सुनिश्चित किया। साथ ही, जून तक आयातित आपूर्ति की गारंटी ले ली गई है। ऊर्जा मंत्री ने भविष्य के झटकों से निपटने के लिए बड़े ईंधन भंडार और डीज़ल पर निर्भरता घटाने हेतु इलेक्ट्रिक ट्रकों को प्रोत्साहन देने की योजना का संकेत दिया। संपादकीयों ने इसे राजनेताओं के लिए एक "चेतावनी" बताया कि ऊर्जा संप्रभुता की अनदेखी के ख़तरनाक परिणाम हो सकते हैं।
यह आग भले ही भयावह न रही हो, पर इसने ऑस्ट्रेलिया की ईंधन सुरक्षा की नाज़ुक हक़ीक़त को उजागर कर दिया। तीव्र सुधार और कूटनीतिक प्रयासों से तात्कालिक संकट टल गया, लेकिन नीतिगत बदलाव की ज़रूरत स्पष्ट है। आने वाले बजट में "लचीलेपन" पर ज़ोर दिए जाने की उम्मीद है, ताकि अगली बार कोई रिफ़ाइनरी आग या वैश्विक आपूर्ति झटका देश को घुटनों पर न ला दे।
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