ईरान-अमेरिका संघर्ष से वैश्विक विकास दर कोविड के बाद सबसे निचले स्तर पर
विश्व बैंक ने 2026 में वैश्विक वृद्धि 2.5% रहने की चेतावनी दी। जर्मनी के बुंडेसबैंक ने भी अनुमान घटाए। होर्मुज बंदी से ऊर्जा कीमतें बढ़ीं।

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मध्य पूर्व संघर्ष का गहरा असर पड़ रहा है। विश्व बैंक की ताज़ा 'वैश्विक आर्थिक संभावनाएं' रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में वैश्विक विकास दर घटकर 2.5% रह जाएगी, जो 2025 के 2.9% से कम और कोविड-19 महामारी के बाद सबसे कमज़ोर स्तर है। रिपोर्ट में दो-तिहाई देशों के लिए विकास अनुमानों में कटौती की गई है, क्योंकि ऊर्जा की बढ़ती कीमतों, ऊंची महंगाई और उधारी लागत ने आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित किया है। विश्व बैंक ने यह भी चेताया कि यदि आपूर्ति में व्यवधान और बढ़ा तो हालात और बिगड़ सकते हैं।
यूरोप में जर्मनी की अर्थव्यवस्था को विशेष झटका लगा है। बुंडेसबैंक ने शुक्रवार को जारी अपनी 'जर्मनी पूर्वानुमान' रिपोर्ट में 2026 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर को घटाकर मात्र 0.5% कर दिया, जो दिसंबर 2024 के 0.6% के अनुमान से भी कम है। 2027 के लिए पूर्वानुमान को 1.3% से लगभग आधा कर 0.8% कर दिया गया। बुंडेसबैंक अध्यक्ष जोआख़िम नागेल ने कहा कि आसमान छूती ऊर्जा कीमतों ने उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति को खा लिया है और व्यवसाय आपूर्ति बाधाओं व कमज़ोर मांग से जूझ रहे हैं। हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि ऊर्जा कीमतों में नरमी, वैश्विक अर्थव्यवस्था में तेज़ी और सरकारी निवेश से 2028 तक रफ़्तार लौट सकती है।
विकासशील देशों पर इस संकट का बोझ असमान रूप से पड़ रहा है। विश्व बैंक के अनुसार, चीन और भारत को छोड़कर अन्य विकासशील अर्थव्यवस्थाएं उन्नत अर्थव्यवस्थाओं की आय के स्तर तक पहुंचने में लगभग एक दशक से कोई प्रगति नहीं कर पाई हैं। इस संघर्ष के दौरान ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य—तेल और गैस का अहम मार्ग—को बंद करने से ऊर्जा बाज़ारों में भारी उथल-पुथल मची है। अनुमान है कि ब्रेंट क्रूड की कीमत 2026 में औसत 94 डॉलर प्रति बैरल रहेगी, जो 2025 के स्तर से 36% अधिक है। विश्व बैंक ने एक भयावह परिदृश्य की भी चेतावनी दी है: यदि ऊर्जा आपूर्ति में व्यवधान और गहराया तथा वित्तीय बाज़ारों में उथल-पुथल से भरोसा डिगा, तो वैश्विक विकास दर गिरकर 1.3% रह सकती है और महंगाई दर 4.4% तक पहुंच सकती है। साथ ही, वैश्विक उर्वरक आपूर्ति पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ा है, जिससे खाद्य सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो गया है।
आगे की राह अनिश्चितताओं से भरी है। हालांकि 2027 में वैश्विक वृद्धि के 2.8% तक सुधरने का अनुमान है, लेकिन यह 2010 के दशक के औसत से 0.4 प्रतिशत अंक कम रहेगी। अमेरिका और ईरान के बीच नाज़ुक युद्धविराम को लेकर स्थिति अस्थिर बनी हुई है, और दोनों पक्षों द्वारा संघर्ष फिर से भड़कने का खतरा बरकरार है। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि अगले कुछ वर्षों का आर्थिक परिदृश्य काफ़ी हद तक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों और ऊर्जा बाज़ारों के स्थिरीकरण पर निर्भर करेगा।
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जर्मनी का केंद्रीय बैंक चेतावनी देता है कि ईरान युद्ध देश की समृद्धि को नुकसान पहुँचा रहा है, 2026 में सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि मात्र 0.5% रह जाएगी और 2027 का पूर्वानुमान लगभग आधा कर दिया गया है। फिर भी, बुंडेसबैंक अध्यक्ष को उम्मीद है कि ऊर्जा कीमतों में गिरावट और वैश्विक माँग बढ़ने से 2028 तक अर्थव्यवस्था फिर से गति पकड़ लेगी।
विश्व बैंक ने चेतावनी दी है कि मध्य पूर्व संघर्ष वैश्विक विकास को कोविड-19 महामारी की शुरुआत के बाद सबसे कमजोर गति तक ले जाएगा, जिसका सबसे बड़ा बोझ विकासशील देशों पर पड़ेगा। ऊर्जा की बढ़ती कीमतें, मुद्रास्फीति और उधारी की ऊँची लागत सुधार को दबा रही हैं, और दो-तिहाई अर्थव्यवस्थाओं के पूर्वानुमान घटा दिए गए हैं।
ईरानी मीडिया ने ईरान-अमेरिका युद्ध के परिणामों पर विश्व बैंक की चेतावनी को प्रसारित किया: होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से ऊर्जा बाजार बुरी तरह प्रभावित हुए हैं, और ब्रेंट क्रूड के भड़कने की आशंका है। वैश्विक विकास 2.5% तक गिर जाएगा, जो महामारी के बाद का सबसे निचला स्तर है, जबकि ईरानी अर्थव्यवस्था संघर्ष का दबाव झेल रही है।
खाड़ी अरब प्रेस ने बताया कि विश्व बैंक ने वैश्विक विकास पूर्वानुमानों को कोविड युग के बाद सबसे निचले स्तर पर घटा दिया है, और मध्य पूर्व की घटनाओं के आर्थिक प्रभावों के बिगड़ने की चेतावनी दी है। निम्न-आय वाले विकासशील देशों को सबसे कठोर झटका लगेगा, जबकि ऊर्जा व्यवधान और आपूर्ति समस्याएँ और अधिक वृद्धि की धमकी दे रही हैं।
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