रूबी रोज़ के आरोपों पर कैटी पेरी के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक यौन उत्पीड़न मामले की जांच
ऑस्ट्रेलियाई अभिनेत्री रूबी रोज़ ने अमेरिकी गायिका कैटी पेरी पर 2010 में मेलबर्न के एक नाइटक्लब में यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। पुलिस जांच कर रही है, जबकि पेरी ने इसे 'ख़तरनाक झूठ' बताया है।

विक्टोरिया पुलिस ने बुधवार को पुष्टि की कि वह 2010 में मेलबर्न में हुए एक "ऐतिहासिक यौन हमले" की जांच कर रही है। यह घटनाक्रम ऑस्ट्रेलियाई अभिनेत्री रूबी रोज़ द्वारा सोशल मीडिया पर अमेरिकी पॉप स्टार कैटी पेरी पर गंभीर आरोप लगाने के कुछ दिनों बाद सामने आया। रोज़ ने थ्रेड्स पर लिखा था, "कैटी पेरी ने मेलबर्न के स्पाइस मार्केट नाइटक्लब में मेरा यौन उत्पीड़न किया। इससे किसे फ़र्क पड़ता है कि वह क्या सोचती है?" यह पोस्ट बाद में हटा दी गई, लेकिन इसने वैश्विक स्तर पर ध्यान खींचा। [A1][A2][A6]
रोज़ ने मंगलवार को एक अपडेट में कहा कि उन्होंने पुलिस को अपनी सभी रिपोर्टें सौंप दी हैं और अब वे सार्वजनिक रूप से इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकतीं। पेरी के प्रतिनिधि ने आरोपों को "पूरी तरह से झूठा" और "ख़तरनाक, लापरवाह झूठ" बताया। [A3][A5] मेलबर्न यौन अपराध एवं बाल शोषण जांच दल (SOCIT) इस मामले को देख रहा है, हालांकि पुलिस ने जांच जारी रहने का हवाला देते हुए अतिरिक्त जानकारी देने से इनकार कर दिया। [A9][A6]
यह विवाद तब भड़का जब पेरी ने कोचेला महोत्सव में जस्टिन बीबर के प्रदर्शन पर हल्की-फुल्की टिप्पणी की, जिसके जवाब में रोज़ ने अपने आरोप दोहराए। [A3] यूरोपीय मीडिया, जैसे जर्मनी की ज़ुडडॉयचे त्साइटुंग और स्विट्ज़रलैंड के टागेस-अनत्साइगर, ने सोशल मीडिया एल्गोरिदम के तेज़ी से फैलने वाले प्रभाव को रेखांकित किया, जबकि ऑस्ट्रेलियाई प्रेस ने स्थानीय कानूनी प्रक्रिया पर ज़ोर दिया। [A3][A4][A6] अमेरिकी आउटलेट्स फ़ॉक्स न्यूज़ और लॉस एंजिल्स टाइम्स ने रोज़ की रिपोर्ट दाखिल करने और पेरी के खंडन पर ध्यान केंद्रित किया। [A1][A5]
रूसी मीडिया ने एक अलग कोण प्रस्तुत किया: मेदुज़ा ने विस्तार से बताया कि रोज़ के अनुसार पेरी ने उनके चेहरे पर अपने जननांग रगड़े थे, और यह भी कि रोज़ ने पहले इस घटना को "नशे में हुई मज़ेदार कहानी" बताकर छुपाया था क्योंकि पेरी ने अमेरिकी वीज़ा दिलाने में मदद का वादा किया था। [A8] फ़ोर्ब्स रूस ने इस संदर्भ में यह उल्लेख किया कि अंतरराष्ट्रीय LGBT आंदोलन को रूस में चरमपंथी मानकर प्रतिबंधित किया गया है, जो पश्चिमी कवरेज से भिन्न एक संपादकीय ढाँचा दिखाता है। [A11] अरबी और फ़्रेंच भाषा के आउटलेट्स ने अपेक्षाकृत तटस्थ रुख अपनाया, केवल जाँच और इनकार की रिपोर्टिंग की। [A9][A10]
यह मामला न केवल एक संभावित यौन उत्पीड़न की घटना को उजागर करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे विभिन्न भू-राजनीतिक संदर्भ समान तथ्यों को भिन्न रूप से प्रस्तुत करते हैं। जाँच अभी जारी है, और यह स्पष्ट नहीं है कि आरोप कानूनी कार्रवाई तक पहुँचेंगे या नहीं, लेकिन इस प्रकरण ने वैश्विक मीडिया में यौन उत्पीड़न, सेलिब्रिटी संस्कृति और क्षेत्रीय विमर्श के बीच की खाई को उजागर कर दिया है।
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